Username: Password: forgot password?
   
 
हम न समझें थे बात इतनी सी
13 September 2012 06:55AM   Ignore ]  
Star Member
RankRankRank
Total Posts:  812
Joined  2012-08-16

मेरे कुछ मिञ मुझसे रूष्ट हैं उन्हें लगता हैं मेरी सोच में गंदगी भरी हैं यह विचार मित्रों के मन में मेरी कुछ पोस्ट को लेकर उत्पन्न हुए हैं मैं सिर्फ अपनी सफाई में इतना कहना चाहूंगा>> मैं कबूतर नहीं हैं जो बिल्ली ( मेरा अभिप्राय कुछ कटुता भरी सच्चाई से हैं ) को देखकर अपनी आँखे बंद करके खुद को सन्तुष्टि देता रहूं कि बिल्ली मेरे सामने नहीं हैं
मैंने आज की मानवीय सोच पर प्रहार किया हैं उस दोमुंही नीति पर प्रहार किया हैं जो लगातार हमारे सांस्कृतिक धरोहर को दीमक की तरह धीरे धीरे गला रही हैं। मुझे आश्चर्य होता हैं यदि मैं समाज में व्याप्त किसी मुद्दे पर व्यंग्य करता हूँ तो मेरे दिमाग की गंदगी नजर आती हैं
मैं कोई साहित्यिक साहित्यकार नहीं हूँ जो सिर्फ अच्छी बातों पर अपना ध्यान केन्द्रित किए रहूँ । मैं समाज की जमीन से जुड़ा साधारण विचारक हूँ जो देखता हूँ उसी पर अपनी प्रतिक्रिया कोट के रूप अलग अलग वेबसाइट पर चस्पा कर देता हूँ इस उम्मीद के साथ= शायद किसी की अन्तरात्मा को जगा सकूं। हिंदी भाषा आज सिर्फ भारत तक ही सीमित न समस्त संसार मे फैल रही है मगर यह दुनियाभर में संवाद कायम करने मे असफल है इंग्लिश ही ऐसा करने सफल हैं


Profile
 
13 September 2012 08:42AM   Ignore ]   [ # 1 ]  
Star Member
RankRankRank
Total Posts:  812
Joined  2012-08-16

और यहीं एकमात्र कारण हैं जो मैं यहां बार बार नए विचार लेकर उपस्थित होता रहा हूँ ताकि सही अंदाज मे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपने विचार पहुंचा सकूं और इंग्लिश ही एकमात्र ऐसी भाषा हैं जो विश्व के कोने-कोने में संवाद कायम करने में सक्षम हैं मानवीय मूल्य, सामाजिक मूल्यों का पतन जारी हैं और हम मूकदर्शकों की भांति देख रहें हैं शायद ही कोई रिश्ता आज कलंकित होने से बचा रह गया हो क्या हमारी जिम्मेदारी नहीं बनती हैं कि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ समाज प्रदान करें।
यह कटुता भरी सच्चाई हैं मेरे हिंदी भाषी उद्धरण दस में से दो लोग भी पसंद नहीं करते वहीं उद्धरण इंग्लिश भाषा में दूसरी साइट पर पसंद करने वालों की कमी नहीं हैं यह तो मामूली उदाहरण हैं खुद भारत सरकार हिंदी पखवाड़े का आयोजन करके हिंदी के प्रति अपने कर्तव्य की इति श्री कर लेती हैं

Profile
 
14 September 2012 09:09PM   Ignore ]   [ # 2 ]  
New Member
Total Posts:  1
Joined  2012-09-14
Mak_786 - 13 September 2012 10:55 AM

मेरे कुछ मिञ मुझसे रूष्ट हैं उन्हें लगता हैं मेरी सोच में गंदगी भरी हैं यह विचार मित्रों के मन में मेरी कुछ पोस्ट को लेकर उत्पन्न हुए हैं मैं सिर्फ अपनी सफाई में इतना कहना चाहूंगा>> मैं कबूतर नहीं हैं जो बिल्ली ( मेरा अभिप्राय कुछ कटुता भरी सच्चाई से हैं ) को देखकर अपनी आँखे बंद करके खुद को सन्तुष्टि देता रहूं कि बिल्ली मेरे सामने नहीं हैं
मैंने आज की मानवीय सोच पर प्रहार किया हैं उस दोमुंही नीति पर प्रहार किया हैं जो लगातार हमारे सांस्कृतिक धरोहर को दीमक की तरह धीरे धीरे गला रही हैं। मुझे आश्चर्य होता हैं यदि मैं समाज में व्याप्त किसी मुद्दे पर व्यंग्य करता हूँ तो मेरे दिमाग की गंदगी नजर आती हैं
मैं कोई साहित्यिक साहित्यकार नहीं हूँ जो सिर्फ अच्छी बातों पर अपना ध्यान केन्द्रित किए रहूँ । मैं समाज की जमीन से जुड़ा साधारण विचारक हूँ जो देखता हूँ उसी पर अपनी प्रतिक्रिया कोट के रूप अलग अलग वेबसाइट पर चस्पा कर देता हूँ इस उम्मीद के साथ= शायद किसी की अन्तरात्मा को जगा सकूं। हिंदी भाषा आज सिर्फ भारत तक ही सीमित न समस्त संसार मे फैल रही है मगर यह दुनियाभर में संवाद कायम करने मे असफल है इंग्लिश ही ऐसा करने सफल हैं

Profile
 
14 September 2012 09:27PM   Ignore ]   [ # 3 ]  
Star Member
RankRankRank
Total Posts:  812
Joined  2012-08-16

सौरभ जी
आपकी क्या प्रतिक्रिया हैं इस लेख के बारे में
मैं कुछ समझ नहीं पाया
आपने तो कापी करके चस्पा दिया हैं

Profile
 
14 September 2012 11:09PM   Ignore ]   [ # 4 ]  
Member
Rank
Total Posts:  59
Joined  2011-04-15

@Mak_786
शायद सौरभ जी का आशय आपको यह समझाने से है की यह फोरम इसलिए नहीं है की आप इसके जरिये इस तरह की पोस्ट करे. इस तरह की पोस्ट के लिए किरपा करके अन्य शोशल साईट का यूज करे
धन्यवाद्
राजेश

Profile
 
14 September 2012 11:40PM   Ignore ]   [ # 5 ]  
Star Member
RankRankRank
Total Posts:  812
Joined  2012-08-16

@ राजेश जी @ यह लेख यहाँ पोस्ट करने का मुख्य कारण हैं मेरे सभी उद्धरण यहाँ पर सबसे पहले पोस्ट होते हैं और मैं नहीं चाहता कि मोडियटर महोदय या किसी और सदस्य को मेरी भाषा अश्लील लगें यह स्पष्टीकरण देना इसलिए अनिवार्य हो गया था अन्यथा इतनी समझ तो मुझे भी हैं यहाँ पर हम कुछ नया सीखने के लिए और दूसरों को समझाने के लिए ही एकत्रित होते हैं ताकि हम अपनी लेखन को सुधार सकें

Profile
 
14 September 2012 11:42PM   Ignore ]   [ # 6 ]  
Star Member
RankRankRank
Total Posts:  812
Joined  2012-08-16

@ राजेश जी@ यह लेख यहाँ पोस्ट करने का मुख्य कारण हैं मेरे सभी उद्धरण यहाँ पर सबसे पहले पोस्ट होते हैं और मैं नहीं चाहता कि मोडियटर महोदय या किसी और सदस्य को मेरी भाषा अश्लील लगें यह स्पष्टीकरण देना इसलिए अनिवार्य हो गया था अन्यथा इतनी समझ तो मुझे भी हैं यहाँ पर हम कुछ नया सीखने के लिए और दूसरों को समझाने के लिए ही एकत्रित होते हैं ताकि हम अपनी लेखन को सुधार सकें

Profile